डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को पूर्ण गौरव लौटाने में लगभग 80 वर्ष लग गए। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान में इस गीत की स्थायी और अटूट भूमिका को रेखांकित किया।
6वें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम ने देश के स्वाधीनता आंदोलन में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी भूमिका निभाई थी। यह गीत आज भी भारत की सांस्कृतिक चेतना से गहराई से जुड़ा हुआ है।
क्या है इसका मूल उद्देश्य?
अमित शाह ने भारतीय भाषाओं के संवर्धन को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से जोड़ते हुए कहा कि इसका मूल उद्देश्य भारत की समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के प्रति अधिक से अधिक जागरूकता फैलाना है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का अर्थ अपनी संस्कृति और इतिहास के प्रति सजगता पैदा करना है। इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की भाषाई विविधता को हमारी ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी अलगाव या विभाजन के कारण के रूप में।

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